Unitree ने अपने नए H2 बायोनिक ह्युमनॉइड (bionic humanoid) के साथ रोबोटिक्स की दुनिया में एक और धमाका कर दिया है। करीब 180 सेमी लंबे और 70 किलो वजनी इस रोबोट को लेकर कंपनी का दावा है कि इसे हर किसी की सुरक्षित और दोस्ताना तरीके से मदद करने के लिए ही ‘पैदा’ किया गया है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपनी मंजिल तक पहुँचने के लिए यह LiDAR जैसी महंगी तकनीक का सहारा नहीं ले रहा, बल्कि इसकी ‘नजरें’ स्टीरियो कैमरा सेटअप पर टिकी हैं। अब बस दुआ यही है कि इसका ‘डेप्थ परसेप्शन’ (गहराई को भांपने की काबिलियत) किसी भारी-भरकम त्यौहार की दावत के बाद सुस्त पड़े हम इंसानों की तुलना में कहीं ज्यादा सटीक हो।