Neuralink का ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस अब उस मुकाम पर पहुँच गया है जहाँ ‘सोच’ और ‘एक्शन’ के बीच का फासला लगभग खत्म हो रहा है। ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Audrey Crews नाम की एक पेशेंट ने सिर्फ अपनी दिमागी लहरों के जरिए एक वर्चुअल हाथ को अपनी उंगलियों पर नचाया है। कर्सर कंट्रोल के पुराने कारनामों के बाद मिली यह नई कामयाबी इस बात का पुख्ता सबूत है कि साइंस फिक्शन और हमारे अगले यूजर इंटरफेस के बीच की लकीर अब बेहद धुंधली होती जा रही है। कंपनी का यह छोटा लेकिन दमदार कदम न्यूरल सिग्नल्स को सीधे डिजिटल कमांड्स में तब्दील करने की उनकी महत्वाकांक्षी जंग में एक बड़ी जीत है।