हमने देखा था कि कैसे Neuralink के पहले पेशेंट ने Translation not available (hi) पर अपनी धाक जमाई थी, और अब वह डिजिटल स्क्रीन से आगे बढ़कर भौतिक दुनिया में कदम रख चुका है। इस ताज़ा वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे सिर्फ सोच की शक्ति (thought-driven control) से एक मल्टी-जॉइंटेड रोबोटिक आर्म को इतनी बारीकी से ऑपरेट किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस की ‘टू-डू लिस्ट’ में अब एक और दिलचस्प काम जुड़ गया है—“बिना एक उंगली हिलाए शतरंज का ग्रैंडमास्टर बनना।”
