Southeast University का Kunpeng 2.0 कोई मामूली ‘फ्लाइंग कार’ का कॉन्सेप्ट नहीं है; यह 75 किलो का एक ऐसा ‘ट्रांसफॉर्मर’ है जिसे लॉजिस्टिक्स की सबसे बड़ी सिरदर्दी—यानी ‘आखिरी 100 मीटर’ की डिलीवरी—को हल करने के लिए बनाया गया है। फोल्डेबल डिज़ाइन वाला यह बाहुबली ड्रोन 100 किलो तक का पेलोड लेकर 72 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा में गोते लगा सकता है। हवाई मुसाफिरी के हसीन ख्वाबों को पीछे छोड़ते हुए, इसने बड़ी चतुराई से अपना रुख ‘कार्गो-फर्स्ट’ (cargo-first) हकीकत की ओर मोड़ लिया है, जो आज की ‘लो-अल्टीट्यूड इकोनॉमी’ की असली जरूरत है।