300 से ज़्यादा ह्यूमनॉइड रोबोट अब 21 किलोमीटर की हाफ-मैराथन में अपना दम दिखाने के लिए तैयार हैं—यह रोबोटिक एंड्योरेंस और AI की क्षमताओं का अब तक का सबसे कड़ा और सार्वजनिक ‘स्ट्रेस टेस्ट’ होने वाला है। इस मुकाबले में करीब 40% रोबोट पूरी तरह से स्वायत्त (fully autonomous) तौर पर हिस्सा ले रहे हैं, जहाँ असली चुनौती सिर्फ फिनिश लाइन तक पहुँचना नहीं, बल्कि ढलती बैटरी और फिजिक्स के बेरहम नियमों को मात देना है। उम्मीद है कि इन मशीनी एथलीटों ने दौड़ने से पहले अपने ‘सर्वो मोटर्स’ की स्ट्रेचिंग अच्छे से कर ली होगी।
