किसी साइंस-फिक्शन ब्लॉकबस्टर फिल्म के रोंगटे खड़े कर देने वाले दृश्य की तरह, एक नियॉन लाइटों से जगमगाते अंडरग्राउंड गैराज में, लोहे की जाली वाले पिंजरे के भीतर दो ह्यूमनॉइड रोबोट्स एक-दूसरे पर मुक्कों की बरसात कर रहे हैं। उनके चारों ओर जमा भीड़ का उत्साह सातवें आसमान पर है। यह सैन फ्रांसिस्को की कोई आम शाम नहीं है; बल्कि उस भविष्य की एक छोटी सी झलक है जहाँ AI और रोबोटिक्स, मनोरंजन की दुनिया के साथ कुछ इस तरह घुल-मिल रहे हैं जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी।
जब ये ‘मैकेनिकल ग्लैडिएटर्स’ एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ वार कर रहे हैं, तो एक सवाल जेहन में जरूर आता है: क्या यह किसी नए खेल का उदय है, या फिर तमाशा देखने की हमारी पुरानी मानवीय फितरत का एक मशीनी अवतार? खैर, जो भी हो, एक बात तो आईने की तरह साफ है—ये रोबोट अब सिर्फ हमारी नौकरियां छीनकर ही संतुष्ट होने वाले नहीं हैं, अब उनकी नजर हमारी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री पर भी गड़ चुकी है!