ROBOTIS का धमाका: 9,000 डॉलर से कम का AI Sapiens ह्यूमनॉइड

अभी जब लगने लगा था कि ह्यूमनॉइड रोबोट्स का बाजार पूरी तरह भर चुका है, तभी इस रेस में एक और धुरंधर ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। दक्षिण कोरिया की दिग्गज रोबोटिक्स कंपनी ROBOTIS ने अपने नए ह्यूमनॉइड AI Sapiens से पर्दा उठा दिया है। रिसर्च कम्युनिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया यह रोबोट एक ऐसी खूबी के साथ आया है जो बड़े-बड़ों के होश उड़ा सकती है: इसकी बेहद कम कीमत।

AI Sapiens की लंबाई 130 सेमी (लगभग 4'3") है और इसका वजन 34 किलोग्राम है। इसमें 23 ‘डिग्री ऑफ फ्रीडम’ (degrees of freedom) दिए गए हैं, लेकिन असली जादू इसके भीतर छिपा है। यह रोबोट कंपनी के नए Dynamixel-Q एक्चुएटर्स (actuators) पर चलता है। जो लोग रोबोटिक्स की दुनिया से वाकिफ हैं, वे जानते हैं कि ROBOTIS की ‘Dynamixel’ स्मार्ट सर्वो सीरीज कितनी मशहूर है; सालों से रोबोट बनाने वालों के लिए यह पहली पसंद रही है। अपनी इसी कोर टेक्नोलॉजी का फायदा उठाकर, ROBOTIS एक ऐसा रिसर्च-ग्रेड प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है जो बजट पर भारी नहीं पड़ेगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इसका पूरा हार्डवेयर प्लेटफॉर्म पूरी तरह से ‘ओपन-सोर्स’ होगा, ताकि दुनिया भर के डेवलपर्स का एक मजबूत ईकोसिस्टम बनाया जा सके।

यह इतना अहम क्यों है?

$7,000 से $8,700 (करीब 5.9 लाख से 7.3 लाख रुपये) की अनुमानित कीमत के साथ, यह सीधे तौर पर Unitree जैसे प्रतिद्वंद्वियों को चुनौती दे रहा है। तुलना के लिए देखें तो, Unitree के G1 ह्यूमनॉइड की शुरुआती कीमत लगभग $16,000 है। ऐसे में AI Sapiens यूनिवर्सिटी लैब्स और छोटे स्टार्टअप्स के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं है। हालांकि Unitree R1 की कीमत इससे कम हो सकती है, लेकिन AI Sapiens का निशाना सीधे तौर पर एडवांस G1 रिसर्च मार्केट पर है।

AI Sapiens को एक ओपन-सोर्स हार्डवेयर प्लेटफॉर्म बनाकर, ROBOTIS सिर्फ एक रोबोट नहीं बेच रहा, बल्कि एक खुला निमंत्रण दे रहा है। यह रणनीति प्रोपराइटरी सिस्टम (proprietary systems) की उस ‘ब्लैक बॉक्स’ वाली समस्या को खत्म कर देती है, जहां शोधकर्ताओं को मशीन के अंदरूनी कामकाज का पता नहीं चलता। अब रिसर्चर्स अपनी जरूरत के हिसाब से इसमें बदलाव कर सकेंगे और मशीन को गहराई से समझ सकेंगे। इससे एडवांस फिजिकल AI रिसर्च के रास्ते में आने वाली बाधाएं कम होंगी और काबिल ह्यूमनॉइड हार्डवेयर ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकेगा। 2026 की पहली छमाही में इसके लॉन्च के साथ, सबसे सुलभ और शक्तिशाली रिसर्च ह्यूमनॉइड बनाने की यह जंग अब और भी दिलचस्प हो गई है।