चीन का स्टेट ग्रिड पावर ग्रिड के लिए $1B रोबोट सेना तैनात करेगा

स्टेट ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (State Grid Corporation of China) एक ऐसी नई वर्कफोर्स पर 1 अरब डॉलर (करीब 6.8 अरब युआन) का भारी-भरकम निवेश कर रही है, जिसे न तो ‘कॉफी ब्रेक’ की जरूरत है और न ही ऊंचाई पर काम करते समय ‘सेफ्टी हार्नेस’ की। हम बात कर रहे हैं 8,500 एम्बॉडीड एआई (Embodied AI) रोबोट्स की एक विशाल फौज की। यह महज फर्श साफ करने वाले ड्रोइड्स के बारे में नहीं है; यह देश के फैले हुए पावर ग्रिड को ऑटोमेट करने की दिशा में सरकार समर्थित एक बहुत बड़ी मुहिम है। चीन अब बिजली लाइनों के रखरखाव के लिए इंसानों के बजाय पूरी तरह से ऑटोनॉमस ऑपरेशंस की ओर बढ़ रहा है। अकेले 2026 के लिए तैयार किया गया यह प्रोक्योरमेंट प्लान एक बड़े औद्योगिक बदलाव का संकेत है, जहां अब हाड़-मांस के इंसानों की जगह फौलादी मशीनें लेंगी।

इस ‘शॉपिंग लिस्ट’ में 600 से अधिक विशिष्ट कार्यों के लिए डिजाइन किए गए रोबोटिक प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इस शो की असली जान 500 ह्यूमनॉइड रोबोट्स हैं, जिन्हें अल्ट्रा-हाई-वोल्टेज बिजली लाइनों पर ‘लाइव-लाइन मेंटेनेंस’ जैसे सबसे खतरनाक कामों के लिए रिजर्व रखा गया है। इन दो पैरों वाले रोबोटिक वर्कर्स के लिए बजट का एक बड़ा हिस्सा, यानी 370 मिलियन डॉलर (2.5 अरब युआन) आवंटित किया गया है। इनके साथ 5,000 क्वाड्रुपेड (चार पैरों वाले) इंस्पेक्शन बॉट्स और 3,000 डुअल-आर्म व्हील्ड रोबोट्स भी शामिल होंगे, जो मिलकर एक ‘कोलाबोरेटिव मेंटेनेंस नेटवर्क’ बनाएंगे। इस सप्लाई चेन में Unitree, AGIBOT, DeepRobotics, UBTECH, और Fourier Intelligence जैसी दिग्गज चीनी रोबोटिक्स कंपनियों के नाम शामिल हैं।

यह खबर इतनी अहम क्यों है?

स्टेट ग्रिड इन रोबोट्स को सिर्फ दिखावे के लिए नहीं खरीद रहा है। इसके पीछे का गणित पूरी तरह से ‘एफिशिएंसी’ पर आधारित है। कंपनी का अनुमान है कि प्रत्येक रोबोट सालाना लेबर कॉस्ट में 70,000 से 110,000 डॉलर की बचत करेगा, जिससे निवेश की वसूली (payback period) महज 2-3 साल में हो जाएगी। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि इस योजना का लक्ष्य हाई-रिस्क वाले कामों में इंसानों की भागीदारी को 90% तक कम करना और सुरक्षा घटनाओं में 80% की कटौती करना है।

इस तकनीक को लागू करने की रफ्तार वाकई हैरान करने वाली है: योजना के अनुसार, 2026 तक ग्रिड के 30% प्रमुख क्षेत्रों को एम्बॉडीड एआई कवर कर लेगा, 2027 तक 80% हाई-रिस्क परिदृश्यों में रोबोट तैनात होंगे, और 2030 तक ऑपरेशंस को पूरी तरह से ऑटोनॉमस बनाने का लक्ष्य है। यह कोई छोटा-मोटा पायलट प्रोग्राम नहीं है; यह एक पूर्ण औद्योगिक क्रांति है। इतने बड़े पैमाने पर रोबोट तैनात करके, स्टेट ग्रिड दुनिया की सबसे बड़ी यूटिलिटी को एम्बॉडीड एआई के लिए एक विशाल ‘रियल-वर्ल्ड टेस्टबेड’ में बदल रहा है। जो आज पावर ग्रिड से शुरू हो रहा है, कल उसे चीन के अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों (Infrastructure sectors) में भी आसानी से दोहराया जा सकता है।