रोबोटैक्सी की रेस अब एकतरफा नहीं रही, और Uber Technologies, Inc. ने इस बात पर अपनी मुहर लगा दी है। कंपनी ने Rivian Automotive, Inc. में $1.25 बिलियन (करीब ₹10,400 करोड़) के भारी-भरकम निवेश का एलान किया है, ताकि बिना ड्राइवर वाली गाड़ियों का एक विशाल बेड़ा तैयार किया जा सके। इस साझेदारी की शुरुआत 10,000 पूरी तरह से ऑटोनॉमस Rivian R2 SUVs के साथ होगी, जिसे आगे चलकर 50,000 गाड़ियों तक बढ़ाया जा सकता है।
सेल्फ-ड्राइविंग Rivians की पहली खेप 2028 में सैन फ्रांसिस्को और मियामी की सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है। इसके बाद, 2031 के अंत तक इस सर्विस को अमेरिका, कनाडा और यूरोप के 25 शहरों में विस्तार देने की योजना है। Uber की यह आक्रामक रणनीति साफ संकेत देती है कि वह खुद को ऑटोनॉमस मोबिलिटी का ‘गो-टू प्लेटफॉर्म’ बनाना चाहता है। जो कल तक कंपनी के लिए एक बड़ा खतरा लग रहा था, Uber ने उसे ही अपने बिजनेस मॉडल का मुख्य हिस्सा बना लिया है।
ऑटोनॉमस गाड़ियों की दुनिया में Uber सिर्फ एक घोड़े पर दांव नहीं लगा रहा है। कंपनी ने लास वेगास में Motional (Hyundai की सहायक कंपनी) के साथ पार्टनरशिप की है और हाल ही में लास वेगास और लॉस एंजिल्स में Zoox (Amazon के स्वामित्व वाली) की गाड़ियों को जोड़ने का भी एलान किया है। कई AV (Autonomous Vehicle) डेवलपर्स के साथ हाथ मिलाकर Uber खुद को एक ऐसे ‘ब्रांड-एग्नोस्टिक मार्केटप्लेस’ के रूप में स्थापित कर रहा है, जहाँ भविष्य की हर रोबोटैक्सी राइड उपलब्ध होगी।
तकनीकी मोर्चे पर बात करें तो Rivian R2 गाड़ियाँ कंपनी के थर्ड-जेनरेशन ऑटोनॉमी प्लेटफॉर्म पर चलेंगी। इस सिस्टम में 11 कैमरे, 5 रडार और एक LiDAR सेंसर का जबरदस्त तालमेल है। लेकिन इसकी असली ताकत है Rivian के खुद के डिजाइन किए हुए दो Rivian Autonomy Processor (RAP1) चिप्स, जो मिलकर 1600 TOPS की AI कंप्यूटिंग परफॉरमेंस देते हैं। इतनी पावर के साथ ये गाड़ियाँ शहर के पेचीदा रास्तों को भी बड़ी आसानी से पार कर सकेंगी।
यह साझेदारी इतनी अहम क्यों है?
यह डील सीधे तौर पर Waymo और Tesla जैसी कंपनियों को चुनौती दे रही है। यह इस बात का सबूत है कि रोबोटैक्सी क्रांति का हार्डवेयर और नेटवर्क अब बहुत तेजी से स्केल हो रहा है। Uber के लिए यह अपने पोर्टफोलियो को विविधता देने का मौका है। सालों पहले अपनी खुद की महंगी सेल्फ-ड्राइविंग यूनिट बेचने के बाद, Uber ने अब एक डेवलपर के बजाय प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर बनने की समझदारी दिखाई है।
Rivian के लिए यह न केवल एक बड़ा कमर्शियल ऑर्डर है, बल्कि उसकी तकनीक पर भरोसे की एक बड़ी जीत भी है। इलिनोइस स्थित अपनी फैक्ट्री में सालाना 1,55,000 R2 यूनिट्स बनाने की क्षमता के साथ, Rivian के लिए Uber का यह ऑर्डर पूरा करना एक बड़ा लेकिन मुमकिन लक्ष्य है। हम जैसे आम लोगों के लिए इसका मतलब यह है कि बिना ड्राइवर वाली टैक्सी बुलाना अब किसी साइंस-फिक्शन फिल्म का सीन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की हकीकत बनने के बेहद करीब है। मुकाबला अब दिलचस्प हो गया है।













