AI का शोर अभी थमा नहीं है, बल्कि यह एक नए और बेहद रोमांचक दौर में प्रवेश कर चुका है। रोबोटिक्स इंटेलिजेंस स्टार्टअप Rhoda AI ने 18 महीनों के अपने ‘स्टील्थ मोड’ (गुपचुप काम करने की अवधि) को खत्म करते हुए एक धमाकेदार एंट्री की है। कंपनी ने $450 मिलियन (करीब 3,700 करोड़ रुपये) के विशाल सीरीज A फंडिंग राउंड की घोषणा की है। Premji Invest के नेतृत्व में हुए इस निवेश ने पालो ऑल्टो स्थित इस कंपनी की वैल्यूएशन को सीधे $1.7 बिलियन पर पहुंचा दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने अपने उस महत्वाकांक्षी प्लान से भी पर्दा उठा दिया है, जिसमें औद्योगिक रोबोट्स को इंटरनेट वीडियो के जरिए ‘दिमाग’ देने की तैयारी है।
Rhoda AI का प्लेटफॉर्म, जिसे FutureVision नाम दिया गया है, रोबोटिक्स की एक पुरानी और सिरदर्द बनी समस्या को हल करने का दावा करता है। अब तक रोबोट्स को किसी खास काम के लिए प्रोग्राम किया जाता था, जिससे वे फैक्ट्री के बाहर की असली और बेतरतीब दुनिया में फेल हो जाते थे। Rhoda का “असली जादू” इसके ‘Direct Video Action’ मॉडल में छिपा है। रोबोट्स को मैन्युअली डेटा फीड करने के बजाय, Rhoda अपने AI को इंटरनेट पर मौजूद करोड़ों सार्वजनिक वीडियो के जरिए ट्रेनिंग देता है। इससे AI को भौतिक विज्ञान (physics), गति (motion) और चीजों के आपस में तालमेल की वैसी ही समझ मिलती है, जैसी एक इंसान को देखकर मिलती है। इस बुनियादी समझ को बाद में रोबोट-विशिष्ट डेटा के साथ ‘फाइन-ट्यून’ किया जाता है, जिससे ये मशीनें मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स के अनिश्चित माहौल में भी सटीक फैसले ले सकें।
विशाल और असंरचित (unstructured) वीडियो डेटा का उपयोग करके एक ‘जनरलिस्ट AI’ मॉडल बनाने की यह रणनीति पारंपरिक रोबोटिक्स से बिल्कुल अलग है। यह कुछ वैसा ही है जैसा Nvidia और Tesla जैसे दिग्गज कर रहे हैं। जहां Tesla अपने Optimus ह्युमनॉइड और सेल्फ-ड्राइविंग AI को अपनी कारों से मिलने वाले रियल-वर्ल्ड वीडियो डेटा पर ट्रेन करती है, वहीं Nvidia अपने Isaac प्लेटफॉर्म और GR00T फाउंडेशन मॉडल के जरिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रही है। Rhoda खुद को इस मार्केट में ‘दिमाग’ (brains) मुहैया कराने वाली कंपनी के तौर पर देख रही है। उनका मॉडल ‘हार्डवेयर-अग्नोस्टिक’ है, यानी इसे किसी भी कंपनी के पुराने या नए रोबोट्स में फिट किया जा सकता है।
यह खबर क्यों मायने रखती है?
सिर्फ सॉफ्टवेयर पर केंद्रित कंपनी के लिए सीरीज A राउंड में इतनी बड़ी रकम मिलना, Premji Invest, Khosla Ventures, और Temasek जैसे निवेशकों के अटूट भरोसे को दर्शाता है। यह इस बात का संकेत है कि बाजार अब यह मान चुका है कि ऑटोमेशन की अगली लहर में असली ताकत रोबोटिक हाथों या ग्रिपर्स में नहीं, बल्कि उन्हें चलाने वाले AI दिमाग में होगी।
इंटरनेट पर मौजूद सूचनाओं के अथाह समंदर से रोबोट्स को ट्रेन करके, Rhoda AI पारंपरिक प्रोग्रामिंग की बाधाओं को पार करने की जुआ खेल रही है। अगर FutureVision यूट्यूब जैसे वीडियो से सीखी गई जानकारी को फैक्ट्री के फर्श पर सही एक्शन में बदलने में कामयाब रहा, तो यह उन जटिल कामों के लिए भी ऑटोमेशन के दरवाजे खोल देगा जो अब तक सिर्फ इंसानों के बस की बात थे। सीधे शब्दों में कहें तो, Rhoda रोबोटिक्स की दुनिया का ‘एंड्रॉयड’ बनने की कोशिश कर रही है।













