अब वो दिन दूर नहीं जब फैक्ट्रियों के फ्लोर पर इंसानों से ज्यादा मशीनें नजर आएंगी। इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए Renault Group ने फ्रांसीसी स्टार्टअप Wandercraft के 350 बाइपेडल (दो पैरों वाले) रोबोट्स को तैनात करने की पुष्टि की है। अगले 18 महीनों में ये रोबोट्स कंपनी के बेड़े में शामिल हो जाएंगे। Renault ने न सिर्फ इन रोबोट्स को काम पर रखने का मन बनाया है, बल्कि इस रोबोटिक्स फर्म में अल्पमत हिस्सेदारी (minority stake) भी खरीदी है। बिना सिर वाले इन Calvin-40 ह्यूमनॉइड रोबोट्स की पहली तैनाती फ्रांस की डूए (Douai) फैक्ट्री में होगी, जहां ये टायर और अन्य भारी कलपुर्जे ढोने का जिम्मा संभालेंगे।
2012 में स्थापित Wandercraft अब तक अपने विश्व स्तरीय मेडिकल एक्सोस्केलेटन (exoskeletons) के लिए मशहूर थी, जो चलने-फिरने में अक्षम लोगों की मदद करते हैं। लेकिन अब कंपनी ने अपनी इस महारत को इंडस्ट्रियल सेक्टर की तरफ मोड़ दिया है। बताया जा रहा है कि Calvin-40 को महज 40 दिनों में विकसित किया गया है, जिसमें कंपनी की एक दशक से ज्यादा की ‘सेल्फ-बैलेंसिंग’ रोबोटिक्स रिसर्च का इस्तेमाल हुआ है। इसका डिजाइन पूरी तरह से काम पर केंद्रित (unapologetically industrial) है: दो पैरों पर टिका एक बिना सिर वाला धड़, जिसके हाथों को जरूरत के हिसाब से बदला जा सकता है। इसमें ग्रिपर्स या सक्शन कप लगाए जा सकते हैं ताकि अलग-अलग तरह के काम किए जा सकें। यह रोबोट एडवांस विजन और AI-पावर्ड रीजनिंग के जरिए इंसानों के लिए बनाए गए माहौल में खुद-ब-खुद काम करने में सक्षम है।
यह साझेदारी दोनों के लिए ‘टू-वे स्ट्रीट’ की तरह है। Renault जहां Wandercraft को अपनी विशाल फैक्ट्रियों के जरिए एक रियल-वर्ल्ड टेस्टिंग ग्राउंड और इंडस्ट्रियल अनुभव दे रहा है, वहीं बदले में उसे ऐसे ‘थकान-मुक्त’ मजदूर मिल रहे हैं जो उन कामों को करेंगे जिन्हें करना इंसानों के लिए दर्दनाक और थकाऊ होता है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में यह अब तक का सबसे बड़ा ‘ह्यूमनॉइड ऑर्डर’ माना जा रहा है, जो यह साफ करता है कि कार कंपनियां अब इस तकनीक को महज एक प्रयोग नहीं बल्कि भविष्य की जरूरत मान रही हैं।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
हालांकि BMW, Mercedes-Benz और Tesla जैसी दिग्गज कंपनियां भी Figure AI और Apptronik जैसे पार्टनर्स के साथ ह्यूमनॉइड्स का ट्रायल कर रही हैं, लेकिन Renault का 350 यूनिट्स का यह ऑर्डर एक बड़ा धमाका है। यह दिखाता है कि मैन्युफैक्चरिंग में ह्यूमनॉइड रोबोट्स के इस्तेमाल का तर्क अब केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में ठोस होता जा रहा है।
Calvin-40 का ‘बिना सिर’ वाला डिजाइन भी एक व्यावहारिक फैसला है, जहां दिखावे (form) से ज्यादा काम (function) को तवज्जो दी गई है। फैक्ट्री के दोहराव वाले कामों के लिए महंगे सेंसर्स से भरा सिर शायद एक फिजूलखर्ची और तकनीकी खराबी का नया कारण ही बनता। Wandercraft की रणनीति एक ‘जनरल-पर्पस’ एंड्रॉइड बनाने के बजाय एक खास ‘स्पेशलाइज्ड टूल’ तैयार करने की है। यह निवेश यूरोप को भी रोबोटिक्स की उस रेस में मजबूती से खड़ा करता है, जहां अब तक अमेरिकी और एशियाई कंपनियों का दबदबा रहा है।













