रोबोटिक्स की दुनिया में अब शोधकर्ताओं और डेवलपर्स के हाथ और भी मजबूत होने वाले हैं। ORCA Dexterity ने रोबोटिक हाथों की एक नई रेंज पेश कर हलचल मचा दी है, जिसमें एडवांस ‘टैक्टाइल सेंसिंग’ (स्पर्श महसूस करने की क्षमता) का विकल्प भी दिया गया है। कंपनी ने घोषणा की है कि इन बेस मॉडल्स के सभी सोर्स और प्रिंट फाइल्स सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होंगे, जिससे यूजर्स अपनी फिजिकल AI रिसर्च की जरूरतों के हिसाब से इन्हें खुद 3D प्रिंट और मॉडिफाई कर सकेंगे।
इस लाइनअप की शुरुआत होती है किफायती orcahand lite से, जो 9 डिग्री ऑफ फ्रीडम (DoF) के साथ आता है और इसकी कीमत महज $1,500 (करीब ₹1.25 लाख) से शुरू होती है। इसके बाद नंबर आता है स्टैंडर्ड orcahand का, जो $3,500 (करीब ₹2.9 लाख) में इंसानी हाथ की तरह 17 DoF की काबिलियत रखता है। लेकिन इस शो का असली ‘सुपरस्टार’ है orcahand touch। $6,100 (करीब ₹5 लाख) की शुरुआती कीमत वाला यह 17-DoF मॉडल पांचों उंगलियों में कस्टम टैक्टाइल सेंसर्स से लैस है। अगर आप इसके सभी प्रीमियम फीचर्स के साथ एक जोड़ी हाथ खरीदते हैं, तो इसकी कीमत $17,900 (लगभग ₹15 लाख) तक पहुंच सकती है।
“Touch” मॉडल की खूबियां इसे बाकी रोबोटिक हाथों से अलग बनाती हैं। इसके हर हाथ में 351 टैक्सल्स (taxels) लगे हैं, जिनमें से प्रत्येक 3D फोर्स वेक्टर आउटपुट देने में सक्षम है। इसका मतलब है कि यह हाथ रगड़ (shear), फिसलन (slip) और सामान्य दबाव (normal forces) को एक साथ और सटीकता से महसूस कर सकता है। इसकी संवेदनशीलता 0.1 न्यूटन और स्पेशल रेजोल्यूशन 1 मिमी है। ये तीनों मॉडल्स ‘फील्ड-रिपेयरेबल’ हैं, यानी इन्हें काम के दौरान आसानी से ठीक किया जा सकता है। ये ISO 9409-1 स्टैंडर्ड पर आधारित हैं और GitHub पर उपलब्ध ओपन-सोर्स फर्मवेयर, orca_core, पर चलते हैं।

यह क्यों मायने रखता है?
ORCA Dexterity का यह कदम हाई-फिडेलिटी रोबोटिक मैनिपुलेशन तकनीक को लोकतांत्रिक बनाने की एक सोची-समझी कोशिश है। हार्डवेयर और फर्मवेयर को ओपन-सोर्स करके कंपनी ने एडवांस रोबोटिक्स रिसर्च के लिए एंट्री लेवल की बाधाओं को खत्म कर दिया है। आमतौर पर, इतनी संवेदनशीलता वाले कमर्शियल सिस्टम्स की कीमतें आसमान छूती हैं और वे क्लोज्ड इकोसिस्टम में बंद होते हैं। इसके विपरीत, ORCA एक ऐसा प्लेटफॉर्म दे रहा है जो कस्टमाइजेबल है, रिपेयर किया जा सकता है और किफायती भी है। इससे डेक्सट्रस ग्रास्पिंग (सटीक पकड़), इंसान-रोबोट इंटरैक्शन और ऐसे सक्षम फिजिकल AI एजेंट्स विकसित करने में तेजी आएगी जो वास्तव में बाहरी दुनिया को ‘महसूस’ कर सकेंगे।













