Geely का ADAS बना EU सर्टिफिकेशन पाने वाला पहला चीनी सिस्टम

यूरोपीय ऑटोमेकर्स को अब अपने रियरव्यू मिरर में थोड़ा ज्यादा गौर से देखने की जरूरत है। चीन की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी Geely Holding Group ने शुक्रवार को एक बड़ा ऐलान करते हुए बताया कि उसके स्मार्ट ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम को यूरोपीय संघ (EU) के कड़े नियमों के तहत आधिकारिक सर्टिफिकेशन मिल गया है। यह पहली बार है जब चीन में विकसित किसी एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) ने यूरोपीय रेगुलेटर्स की इस कठिन अग्निपरीक्षा को पार किया है।

इस सिस्टम को आधिकारिक तौर पर G-ASD (Geely-Advanced Driving Assistance System) नाम दिया गया है। इस रेगुलेटरी ‘ग्रीन सिग्नल’ का मतलब है कि अब इस सिस्टम से लैस Geely की कारों को बिना किसी अतिरिक्त स्थानीय सर्टिफिकेशन के चुनिंदा यूरोपीय देशों में बेचा जा सकेगा। हालांकि Geely ने अभी यह खुलासा नहीं किया है कि G-ASD के किस खास वर्जन ने ये टेस्ट पास किए हैं, लेकिन यह उपलब्धि कंपनी के लिए एक बड़ी तकनीकी और कूटनीतिक जीत है, जो दुनिया के सबसे प्रतिस्पर्धी ऑटो बाजारों में से एक में उसकी एंट्री को बेहद आसान बना देगी।

आखिर यह खबर इतनी अहम क्यों है?

यह मामला महज एक सर्टिफिकेट हासिल करने तक सीमित नहीं है। Geely की यह कामयाबी एक साफ संदेश है कि चीनी ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी अब उस लेवल पर पहुंच गई है जहां वह दुनिया के सबसे सख्त सुरक्षा मानकों को न सिर्फ छू रही है, बल्कि उन्हें चुनौती भी दे रही है। सालों से ADAS के बाजार पर पश्चिमी और इजरायली कंपनियों का दबदबा रहा है, लेकिन इस मंजूरी ने BYD, NIO और XPeng जैसे अन्य चीनी दिग्गजों के लिए भी यूरोप के दरवाजे खोल दिए हैं।

यह वैश्विक बाजार की पूरी तस्वीर को बदलने वाला कदम है। हांगझू (Hangzhou) से वोल्फ्सबर्ग (Wolfsburg) और स्टटगार्ट (Stuttgart) तक संदेश बिल्कुल साफ है: टेक्नोलॉजी की इस रेस में चीन अब ‘स्लो लेन’ में नहीं है। यूरोपीय ग्राहकों के लिए इसका सीधा मतलब यह है कि उन्हें जल्द ही फीचर्स से भरपूर और आक्रामक कीमतों वाली चीनी कारों की एक नई लहर देखने को मिलने वाली है।