अंगूर के बागों में छिपे वायरस का शिकारी: मिलिए रोबोट 'Emma' से

जहाँ एक तरफ पूरी टेक दुनिया उन दो पैरों वाले रोबोट्स के पीछे पागल है जो बमुश्किल एक टेढ़ा-मेढ़ा डांस कर पाते हैं, वहीं अमेरिका के अंगूर के बागों (vineyards) में एक शांत लेकिन बेहद असरदार क्रांति पैर पसार रही है। Google के पूर्व दिग्गज और रोबोटिक्स एक्सपर्ट Jonathan Moon ने पिछला एक साल अपनी नई ‘खोज’ Emma को तराशने में बिताया है। Emma कोई साधारण मशीन नहीं, बल्कि एक ऑटोनॉमस (autonomous) रोबोट है जिसे अंगूर तोड़ने के लिए नहीं, बल्कि उन बीमारियों को जड़ से पकड़ने के लिए बनाया गया है जो इंसानी आँखों के दिखने से पहले ही पूरी फसल को तबाह कर देती हैं।

यह रोबोट Moon के नए एग्रो-टेक स्टार्टअप Budbreak का पहला दमदार प्रोडक्ट है। Moon के एक हालिया पोस्ट के मुताबिक, Emma पहले से ही कैलिफोर्निया और न्यूयॉर्क के 14 बागों और फलों के बगीचों में अपनी ड्यूटी निभा रही है। यह मशीन एक ‘AI स्काउट’ की तरह काम करती है, जो हर बेल (vine) का बारीकी से मुआयना करती है और वायरस या अन्य खतरों के शुरुआती संकेतों को पहचान लेती है। साथ ही, यह फसल की पैदावार (yield) का सटीक हिसाब भी रखती है। Google में स्ट्रॉबेरी के खेतों के लिए रोबोटिक्स पर काम करने वाले Moon के लिए यह एक बड़ा बदलाव है। जैसा कि उन्होंने खुद कहा, “अंगूरों ने मुझे स्ट्रॉबेरी का मोह छुड़ा दिया है।”

यह क्यों मायने रखता है?

Emma महज़ एक हाई-टेक ‘बिजूका’ (scarecrow) नहीं है; यह ‘प्रिसिजन एग्रीकल्चर’ (precision agriculture) का एक क्रांतिकारी हथियार है। दुनिया भर के अंगूर उत्पादकों के लिए वायरस और बीमारियाँ एक सिरदर्द हैं, जो न केवल फसल की मात्रा बल्कि वाइन की क्वालिटी पर भी भारी चोट पहुँचाती हैं। बीमारियों को उनके शुरुआती दौर (nascent stage) में ही पकड़कर, Emma किसानों को समय रहते ठोस कदम उठाने का मौका देती है। इससे न केवल फसल बचती है, बल्कि खेती का तरीका भी अधिक टिकाऊ (sustainable) बनता है।

इस तरह की ‘अर्ली डिटेक्शन’ टेक्नोलॉजी खेती की पूरी बाजी पलट सकती है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की रिसर्च बताती है कि एडवांस रोबोटिक मॉनिटरिंग से कीटनाशकों (pesticides) के इस्तेमाल में 90% तक की भारी कमी लाई जा सकती है—जो पर्यावरण के लिहाज से एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। आज जब लेबर की कमी और बढ़ती लागत कृषि क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है, तो Emma जैसे ऑटोनॉमस समाधान अब केवल भविष्य की कल्पना नहीं, बल्कि खेती के लिए अनिवार्य उपकरण बनते जा रहे हैं।