जब भी हम सैन्य ड्रोन की बात करते हैं, तो हमारे दिमाग में अक्सर अत्याधुनिक कंपोजिट मटेरियल, रडार को चकमा देने वाली कोटिंग और करोड़ों डॉलर की कीमत वाली किसी हाई-टेक मशीन की तस्वीर उभरती है। शायद ही कोई ऐसा होगा जिसके दिमाग में मोम लगा गत्ता (waxed cardboard) और रबर बैंड से बना कोई विमान आए। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कंपनी SYPAQ Systems ने यह साबित कर दिया है कि युद्ध के मैदान में असली मारक क्षमता एक साधारण दिखने वाले फ्लैट-पैक बॉक्स से भी आ सकती है। यह कंपनी यूक्रेन को अपने Corvo Precision Payload Delivery System (PPDS) ड्रोन की खेप भेज रही है, जिनका उपयोग रसद पहुंचाने (resupply) से लेकर जासूसी और खबरों के मुताबिक, ‘कामिकेज़’ (आत्मघाती) हमलों तक के लिए किया जा रहा है। सबसे हैरान करने वाली बात? इसकी कीमत महज $3,500 (करीब 2.9 लाख रुपये) बताई जा रही है।
Corvo PPDS असल में सेना के लिए किसी ‘IKEA’ प्रोजेक्ट जैसा है। यह एक किट के रूप में आता है, जिसका ढांचा मोम लगे फोमबोर्ड से बना है, जो इसे हल्का और वाटर-रेसिस्टेंट बनाता है। इसकी रेंज 120 किलोमीटर तक है और यह 60 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ान भर सकता है। यह 3 किलोग्राम तक का वजन उठा सकता है, जिसे जरूरत पड़ने पर 5 किलोग्राम तक भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि इसके एवियोनिक्स और मोटर को दोबारा इस्तेमाल के लिए डिज़ाइन किया गया है, लेकिन इसका ढांचा पूरी तरह से ‘डिस्पोजेबल’ यानी ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ की तर्ज पर बनाया गया है।
इस ड्रोन की उपयोगिता ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है, हालांकि सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे लेकर भ्रमित भी हैं। अक्सर वायरल पोस्ट में इसकी तुलना जापानी स्टार्टअप AirKamuy Inc के AirKamuy 150 ड्रोन से कर दी जाती है, जो 120 किमी/घंटा की रफ्तार और महज पांच मिनट में असेंबल होने का दावा करता है। उस कंपनी का स्लोगन तो और भी मारक है: “हर गत्ता बनाने वाली फैक्ट्री को एक शस्त्रागार (arsenal) में बदला जा सकता है।”
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह सिर्फ इंजीनियरिंग का एक स्मार्ट नमूना नहीं है; यह सैन्य खरीद और रणनीति में एक युगांतरकारी बदलाव (paradigm shift) है। Corvo PPDS “attritable” सिस्टम का एक बेहतरीन उदाहरण है—यानी एक ऐसी संपत्ति जो इतनी सस्ती है कि उसे खोने पर कोई बड़ा वित्तीय या रणनीतिक बोझ नहीं पड़ता। जब एक ड्रोन की कीमत एक हाई-एंड लैपटॉप से भी कम हो, तो कमांडर ऐसे जोखिम उठा सकते हैं जो करोड़ों डॉलर के प्लेटफॉर्म के साथ सोचना भी नामुमकिन है।
सस्ते और डिस्पोजेबल हवाई प्रणालियों का यह चलन वैश्विक स्तर पर जोर पकड़ रहा है। उदाहरण के लिए, अमेरिकी सेना ने Attritable Battlefield Enabler (ABE 1.01) विकसित किया है, जो एक 3D-प्रिंटेड कॉम्बैट ड्रोन है और बड़े पैमाने पर उत्पादन करने पर इसकी लागत मात्र $740 (करीब 62,000 रुपये) आती है। चाहे इसे किसी बॉक्स फैक्ट्री में गत्ते से बनाया जाए या मोर्चे के पास 3D-प्रिंट किया जाए, संदेश साफ है: भविष्य की हवाई ताकत अब सस्ती, सुलभ और पूरी तरह से ‘एक्सपेंडेबल’ होने वाली है।






