कैम्ब्रिज AI: ड्रोन झुंड अब दिखाएंगे 'आक्रामक' हवाई करतब

University of Cambridge और जापान के National Institute of Advanced Industrial Science and Technology (AIST) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जो रोबोट्स के झुंड को किसी मंझे हुए स्टंट पायलट की तरह उड़ाना सिखा देगा—वो भी बिना किसी टक्कर के। npj Robotics के 19 मार्च के अंक में प्रकाशित इस रिसर्च पेपर में “kinodynamically aggressive maneuvers” यानी बेहद आक्रामक और तेज रफ्तार मूवमेंट का एक नया ढांचा पेश किया गया है। आसान भाषा में कहें तो, वैज्ञानिकों ने वह कोड क्रैक कर लिया है जिससे दर्जनों रोबोट एक तंग जगह में बिना टकराए सुपरफास्ट रफ्तार से कलाबाजियां खा सकते हैं।

इस शोध पत्र का शीर्षक है—"Concrete Multi-Agent Path Planning Enabling Kinodynamically Aggressive Maneuvers"। इसके मुख्य लेखक Keisuke Okumura हैं, जो AIST में रिसर्चर और कैम्ब्रिज में विजिटिंग स्कॉलर हैं। मल्टी-एजेंट पाथफाइंडिंग (MAPF) की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि जैसे-जैसे रोबोट्स की संख्या बढ़ती है, उनके लिए बिना टक्कर वाले रास्तों की गणना करना गणितीय रूप से बेहद जटिल होता जाता है। यह नई “कंक्रीट प्लानिंग” विधि बड़ी चतुराई से असल दुनिया की फिजिक्स (continuous physics) को एक सरल डिजिटल सर्च (discrete search) के साथ जोड़ती है, जिससे एक साथ दर्जनों रोबोट्स के लिए पलक झपकते ही सबसे सटीक रास्ता निकाला जा सकता है।

यहाँ “kinodynamic” शब्द ही असली गेम-चेंजर है। इसका मतलब है कि प्लानिंग के दौरान सिर्फ रोबोट की स्थिति (kinematics) का ही नहीं, बल्कि उस पर लगने वाले बल और उसके संवेग (dynamics) का भी ध्यान रखा जाता है। यह वैसा ही है जैसे किसी नक्शे पर सिर्फ बिंदु बनाना और दूसरी तरफ तेज रफ्तार रेसिंग कारों के काफिले के लिए रास्ता चुनना, जिन्हें आप चाहकर भी अचानक एक जगह नहीं रोक सकते। शोधकर्ताओं ने इस तकनीक का लोहा मनवाने के लिए लैब की एक सीमित जगह में 40 रोबोट्स (20 क्वाडरोटर्स और 8 ग्राउंड रोबोट्स) को एक साथ उतारा, जहाँ उन्होंने बेहद जटिल और हाई-स्पीड मूवमेंट्स को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

यह रिसर्च स्वाम रोबोटिक्स (swarm robotics) की उस बुनियादी बाधा को दूर करती है जो अब तक इसकी राह रोके खड़ी थी। आज के वेयरहाउस रोबोट्स या ड्रोन लाइट शो देखने में भले ही अच्छे लगें, लेकिन वे अक्सर बहुत ही साधारण मॉडल, बड़े सुरक्षा दायरे और धीमी रफ्तार पर काम करते हैं ताकि कोई हादसा न हो। यह नया सिस्टम “आक्रामक” और बेहद सटीक तालमेल वाले मूवमेंट्स को सेकंडों में प्लान कर सकता है, जिससे भविष्य के रोबोटिक ऑपरेशन्स कहीं ज्यादा डायनामिक और कुशल हो जाएंगे।

कल्पना कीजिए ऐसे वेयरहाउस रोबोट्स की जो सिर्फ तय रास्तों पर रेंगने के बजाय एक-दूसरे के बीच से बिजली की रफ्तार से गुजरते हुए सामान पहुँचा रहे हैं। या ऐसे सर्च-एंड-रेस्क्यू ड्रोन झुंड की जो किसी ढही हुई इमारत के मलबे के भीतर हैरतअंगेज कलाबाजियां दिखाते हुए रास्ता बना रहे हैं। कैम्ब्रिज के नेतृत्व में हुई इस रिसर्च ने उस एल्गोरिदम की बुनियाद रख दी है जो इन साइंस-फिक्शन जैसे दृश्यों को हकीकत में बदल देगी। अब मल्टी-रोबोट कोऑर्डिनेशन सिर्फ “सावधानी” तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह “बेहद असरदार” और तेज हो जाएगा।