Waymo का खुलासा: फिलीपींस से कंट्रोल हो रही हैं अमेरिकी रोबोटैक्सी

“स्वायत्तता” यानी ऑटोनामी की परिभाषा को एक नया मोड़ देते हुए, Waymo के चीफ सेफ्टी ऑफिसर, Dr. Mauricio Peña ने अमेरिकी सीनेट की सुनवाई के दौरान इस बात की पुष्टि की है कि कंपनी अमेरिकी सड़कों पर अपनी गाड़ियों की मदद के लिए फिलीपींस में बैठे रिमोट मानव ऑपरेटरों का सहारा लेती है। जब भी कोई Waymo रोबोटैक्सी किसी “पेचीदा ड्राइविंग स्थिति” में फंस जाती है, तो वह हज़ारों मील दूर बैठे किसी इंसान को मदद के लिए ‘फोन’ घुमा देती है।

Peña ने स्पष्ट किया कि ये ऑपरेटर, जिन्हें Waymo “फ्लीट रिस्पॉन्स एजेंट्स” (fleet response agents) कहता है, तकनीकी रूप से गाड़ी नहीं चलाते, बल्कि एक अतिरिक्त इनपुट के रूप में “मार्गदर्शन” (guidance) प्रदान करते हैं। हालांकि, इस खुलासे ने सीनेटर Ed Markey जैसे सांसदों के कान खड़े कर दिए हैं। उन्होंने साइबर सुरक्षा की कमियों, लेटेंसी (सिग्नल में देरी) और रीयल-टाइम में गाड़ियों को प्रभावित करने वाले इन “सात समंदर पार बैठे बैकसीट ड्राइवरों” के सुरक्षा निहितार्थों पर गंभीर सवाल उठाए। Peña यह जानकारी नहीं दे पाए कि कुल कितने ऑपरेटर विदेशों में तैनात हैं और कितने अमेरिका में।

इसी सुनवाई में गवाही देते हुए, Tesla, Inc. ने सुरक्षा को लेकर एक बिल्कुल अलग दर्शन पेश किया। Tesla के व्हीकल इंजीनियरिंग वीपी, Lars Moravy ने दो टूक शब्दों में कहा कि कंपनी के कोर ड्राइविंग कंट्रोल्स भौतिक और डिजिटल रूप से एक अलग लेयर पर हैं, जिसे “गाड़ी के बाहर से एक्सेस नहीं किया जा सकता।” उन्होंने दावा किया कि फर्मवेयर अपडेट के लिए दो व्यक्तियों के क्रिप्टोग्राफिक साइन-ऑफ की आवश्यकता होती है और आज तक कोई भी Tesla के ड्राइविंग सिस्टम का रिमोट कंट्रोल हासिल करने में कामयाब नहीं हुआ है।

यह खबर क्यों मायने रखती है?

यह सुनवाई पूर्ण स्वायत्तता (full autonomy) की दौड़ में दो अलग-अलग रास्तों को उजागर करती है। Waymo का “ह्यूमन-इन-द-लूप” दृष्टिकोण, जो एक वैश्विक रिमोट वर्कफोर्स पर निर्भर है, मुश्किल परिस्थितियों से निपटने और अपनी सेवा को बड़े पैमाने पर फैलाने का एक तरीका प्रदान करता है। हालांकि, यह संभावित सुरक्षा जोखिमों का ‘भानुमती का पिटारा’ भी खोल देता है और इसकी स्वायत्तता की प्रकृति पर सवाल उठाता है। एक ऐसा सिस्टम जिसे 13,000 किलोमीटर दूर बैठे ऑपरेटर से लाइफलाइन की ज़रूरत हो, वह ‘सेल्फ-ड्राइविंग कार’ कम और दुनिया का सबसे आधुनिक ‘रिमोट-कंट्रोल खिलौना’ ज़्यादा लगता है।

दूसरी ओर, Tesla एक अभेद्य और आत्मनिर्भर सिस्टम पर दांव लगा रही है। यह आर्किटेक्चर महत्वपूर्ण ड्राइविंग फंक्शन्स के चारों ओर एक ‘एयर गैप’ बनाकर सुरक्षा को प्राथमिकता देता है, लेकिन इसका मतलब यह भी है कि AI को लगभग सभी समस्याओं का समाधान खुद ही खोजना होगा। अब पूरी इंडस्ट्री की नज़र इस बात पर है कि कौन सा दर्शन भविष्य की कसौटी पर खरा उतरेगा: दुनिया भर से नेटवर्क के ज़रिए जुड़ा हुआ यह असिस्टेंट, या फिर अपनी क्षमता पर भरोसा करने वाली यह आत्मनिर्भर मशीन।