जहाँ हम में से ज़्यादातर लोग आज भी अपने 3D प्रिंटर से एक अदद प्लास्टिक का खिलौना या शोपीस ठीक से निकालने की जद्दोजहद में लगे रहते हैं, वहीं Massachusetts Institute of Technology (MIT) के शोधकर्ताओं ने तकनीक की दुनिया में कई कदम आगे की छलांग लगा दी है। अब वे सीधे चालू हालत में इलेक्ट्रिक मोटर ही प्रिंट कर रहे हैं। अपनी खास तौर पर तैयार की गई मशीन के ज़रिए, उन्होंने महज़ तीन घंटे की निरंतर प्रक्रिया में पाँच अलग-अलग सामग्रियों (materials) का इस्तेमाल कर एक पूरा लीनियर मोटर तैयार कर दिखाया है। और सबसे चौंकाने वाली बात? इस मोटर को बनाने में इस्तेमाल हुए मटेरियल की कुल लागत सिर्फ 50 सेंट्स (करीब 42 रुपये) है। प्रिंटिंग पूरी होने के बाद बस एक छोटा सा काम मैन्युअल तरीके से करना पड़ता है—पुर्जों को मैग्नेटाइज (चुंबकीय) करना।
Virtual and Physical Prototyping जर्नल में विस्तार से बताई गई यह कामयाबी MIT की ‘माइक्रोसिस्टम्स टेक्नोलॉजी लेबोरेटरीज’ की एक टीम ने हासिल की है, जिसमें Jorge Cañada, Zoey Bigelow और Luis Fernando Velásquez-García शामिल हैं। उन्होंने एक पुराने 3D प्रिंटर को मॉडिफाई करके उसमें चार अलग-अलग ‘एक्सट्रूज़न टूलहेड्स’ (extrusion toolheads) लगाए। ये टूलहेड्स सख्त और लचीले पॉलीमर से लेकर कंडक्टिव सिल्वर इंक और मैग्नेटिक पार्टिकल्स वाले कंपोजिट पेलेट्स तक, सब कुछ एक साथ हैंडल करने में सक्षम हैं। इस मल्टी-मटेरियल अप्रोच की वजह से मशीन मोटर की डायइलेक्ट्रिक हाउसिंग, कंडक्टिव कॉइल्स और मैग्नेटिक कंपोनेंट्स को बिना रुके एक के बाद एक लेयर्स में बिछाती चली जाती है।
आखिर यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
यह उपलब्धि सिर्फ़ सस्ते मोटर बनाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह जटिल उपकरणों के निर्माण (manufacturing) के तरीके को जड़ से बदलने की एक कोशिश है। यह “सिर्फ़ पुर्जे नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम प्रिंट करने” की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। किसी भी इलेक्ट्रोमैकेनिकल डिवाइस को अपनी ज़रूरत के हिसाब से मौके पर ही तैयार कर लेने की यह क्षमता, भविष्य में हमें नाजुक ग्लोबल सप्लाई चेन पर निर्भर रहने से आज़ादी दिला सकती है। रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और यहाँ तक कि मेडिकल उपकरणों के क्षेत्र में, यह तकनीक उन कस्टमाइज्ड हार्डवेयर के निर्माण का रास्ता खोलती है जिन्हें किसी फैक्ट्री के बाहर बनाना अब तक नामुमकिन माना जाता था। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह प्रिंटेड मोटर प्रदर्शन के मामले में पारंपरिक तरीके से बने मोटर्स के बराबर या उनसे भी बेहतर साबित हुआ है।













