अगली पीढ़ी के रोबोट्स के दिलो-दिमाग में अपनी तकनीक को फिट करने की होड़ में, Google ने अब Google DeepMind Robotics Accelerator का ऐलान कर दिया है। यह तीन महीने का एक खास प्रोग्राम है जिसका मकसद शुरुआती दौर के रोबोटिक्स स्टार्टअप्स को अपनी ओर खींचना है। इसके लिए Google ने मेंटॉरशिप और तकनीकी बारीकियों के साथ-साथ $3,50,000 के Google Cloud क्रेडिट्स का एक बड़ा दांव चला है। यह पहल खास तौर पर उन कंपनियों के लिए है जो मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थ साइंसेज और एडवांस्ड नेविगेशन जैसे क्षेत्रों में “फिजिकल एजेंट्स” (physical agents) पर काम कर रही हैं।
यह पूरी तरह से एक ‘इक्विटी-फ्री’ प्रोग्राम है, जिसका मतलब है कि स्टार्टअप्स को अपनी हिस्सेदारी नहीं गंवानी होगी। इसके बदले उन्हें Google के AI विशेषज्ञों और उनके सबसे पावरफुल Gemini Robotics Models तक सीधी पहुंच मिलेगी। यह महज कोई साधारण मेंटॉरशिप नहीं है; इसका असल मकसद एक “टेक्निकल प्रोजेक्ट पार्टनरशिप” बनाना है, ताकि स्टार्टअप्स Google के विशाल AI स्टैक की मदद से अपने कॉन्सेप्ट को प्रोटोटाइप से सीधे प्रोडक्शन तक ले जा सकें। इस 12 से 15 हफ्तों के सघन (intensive) हाइब्रिड प्रोग्राम के लिए 10-15 बेहतरीन स्टार्टअप्स का चुनाव किया जाएगा, जिसमें डिजिटल ट्रेनिंग और हैंड-ऑन वर्कशॉप्स शामिल होंगी।
एक्सेलेरेटर प्रोग्राम का लिंक यहाँ देखें: Google DeepMind Robotics Accelerator
यह कदम इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
देखा जाए तो यह Google की कोई निस्वार्थ सेवा नहीं है, बल्कि एक सोची-समझी बिसात है। भारी-भरकम क्लाउड क्रेडिट्स और अपने टॉप-टियर AI मॉडल्स का एक्सेस देकर Google एक ‘लॉन्ग गेम’ खेल रहा है। रणनीति साफ है: दुनिया के सबसे होनहार रोबोटिक्स स्टार्टअप्स की बुनियाद ही Google के इकोसिस्टम पर रखी जाए। ऐसा करके Google एक मजबूत ‘किलाबंदी’ (moat) तैयार कर रहा है, ताकि आने वाले समय में कमर्शियल रोबोट्स का ‘दिमाग’ डिफॉल्ट रूप से Google का क्लाउड और Gemini AI ही हो। यह टेक दिग्गजों का एक क्लासिक पैंतरा है—एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना जिस पर उनका नियंत्रण हो, ताकि जब रोबोटिक्स का बाजार पूरी तरह से खुले, तो उसका एक बड़ा हिस्सा Google की तकनीक पर ही निर्भर हो।













