जब आप चैन की नींद सो रहे थे, मशीनें तब भी चैन से नहीं बैठी थीं। Figure AI, Inc. के फाउंडर और CEO Brett Adcock ने घोषणा की है कि कंपनी के ह्यूमनॉइड रोबोट अब बिना किसी इंसानी ‘बेबीसिटर’ के चौबीसों घंटे स्वायत्त (autonomously) रूप से काम कर रहे हैं। 24/7 अपटाइम का यह लक्ष्य लंबे समय से तकनीकी दुनिया की एक बड़ी चुनौती था। यह रोबोटिक वर्कफोर्स अब वीकेंड, छुट्टियों और रातों की परवाह किए बिना लगातार जुटी हुई है—क्योंकि भविष्य के इन कामगारों के शब्दकोश में ‘ओवरटाइम’ जैसा कोई शब्द नहीं है।
Adcock के मुताबिक, इस मुकाम को हासिल करना “वाकई टेढ़ी खीर” था। यह पूरा सिस्टम किसी सधे हुए ‘पिट क्रू’ (pit crew) की तरह काम करता है। जैसे ही किसी रोबोट की बैटरी कम होती है, वह खुद-ब-खुद चार्जिंग के लिए डॉकिंग स्टेशन की ओर बढ़ जाता है। यहाँ एक दिलचस्प ‘रोबोटिक शिष्टाचार’ देखने को मिलता है: एक दूसरा, पूरी तरह चार्ज्ड रोबोट तुरंत अपनी जगह खाली कर देता है ताकि आने वाला साथी चार्ज हो सके। इससे पहले कि पहला रोबोट अपनी ‘पावर नैप’ (चार्जिंग) शुरू करे, दूसरा रोबोट पहले ही काम पर वापस लौट चुका होता है। ये रोबोट अपने पैरों में लगे 2 kW के वायरलेस इंडक्टिव पैड के जरिए चार्ज होते हैं, जिससे करीब एक घंटे में इनकी बैटरी फिर से फुल हो जाती है।
अक्सर इंसान बीमारी का बहाना बनाकर छुट्टी ले लेते हैं, लेकिन रोबोट्स के साथ ऐसी स्थिति से निपटने के लिए Figure ने एक ‘ट्राइएज’ (triage) सिस्टम लागू किया है। अगर किसी रोबोट में कोई हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर खराबी आती है, तो वह खुद को वर्कफोर्स से अलग कर लेता है और सीधे मरम्मत के लिए तय किए गए ट्राइएज एरिया में चला जाता है। उसकी जगह तुरंत एक दूसरा रोबोट काम संभाल लेता है, ताकि प्रोडक्शन की रफ्तार में एक सेकंड का भी ब्रेक न आए।
आखिर यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
बात सिर्फ इतनी नहीं है कि रोबोट्स ने खुद को प्लग-इन करना सीख लिया है। बिना किसी इंसानी मदद के 24/7 ऑपरेशन हासिल करना, ह्यूमनॉइड रोबोट्स को व्यावसायिक रूप से सफल बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। ऑटोमेशन का पूरा आर्थिक गणित ही इस बात पर टिका है कि मशीनें कितनी भरोसेमंद हैं और उनमें इंसानी दखल कितना कम है। स्वायत्त चार्जिंग और खुद की गलतियों को पहचानने (self-diagnosed error handling) जैसे पेचीदा लॉजिस्टिक्स को सुलझाकर, Figure ने उस खाई को पाट दिया है जो एक ‘शानदार टेक डेमो’ और एक ‘बड़े पैमाने पर तैनात वर्कफोर्स’ के बीच होती है। यह सिस्टम उस ऑपरेशनल मैच्योरिटी को दर्शाता है जो BMW जैसे पार्टनर्स के साथ मिलकर मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स के भविष्य को पूरी तरह बदल सकता है।













