ह्यूमनॉइड रोबोट्स की दुनिया में चल रही ‘आर्म्स रेस’ में अब एक ऐसा खिलाड़ी उतर आया है, जिसके पार्कोर (parkour) स्किल्स देखकर अच्छे-अच्छे एथलीट्स दंग रह जाएं। Beijing Humanoid Robot Innovation Center ने अपने आगामी Tienkung 3.0 की पहली झलक दिखाई है। यह दो पैरों वाला रोबोट कथित तौर पर महज़ एक हाथ के सहारे 1 मीटर ऊंची दीवार लांघ सकता है—एक ऐसा कारनामा जिसे करने में शायद आपके जिम ट्रेनर के भी पसीने छूट जाएं।
रोबोट का यह एथलेटिक अंदाज़ इसके पिछले वर्ज़न, Tienkung 2.0, के मुकाबले कहीं बेहतर फुर्ती और ‘पावर-टू-वेट रेश्यो’ की ओर इशारा करता है। नए मॉडल को देखने पर यह पहले से काफी हल्का और स्लीक नज़र आता है। इस अपग्रेड के पीछे 700 मिलियन RMB (करीब $100 मिलियन या ₹840 करोड़) की भारी-भरकम फंडिंग का हाथ है। इस निवेश में ‘Beijing Artificial Intelligence Industry Investment Fund’ और Baidu जैसे टेक दिग्गजों ने अपना दांव लगाया है।
यह खबर इतनी अहम क्यों है?
देखा जाए तो यह सिर्फ एक रोबोट का पुल-अप्स मारना भर नहीं है। डायनामिक और एसिमेट्रिकल मूवमेंट (dynamic, asymmetrical movement)—जैसे कि अपने शरीर का पूरा भार सिर्फ एक अंग पर उठाकर दीवार चढ़ना—इंजीनियरिंग की एक जटिल चुनौती है। इसके लिए बेहद सटीक बैलेंस, पावर और रियल-टाइम कंट्रोल सिस्टम की ज़रूरत होती है।
करीब 100 मिलियन डॉलर की नई पूंजी और 9,700 वर्ग मीटर की विशाल टेस्टिंग फैसिलिटी के साथ, बीजिंग का यह सेंटर सिर्फ ‘फ्लैशी डेमो’ नहीं दिखा रहा है। यह वैश्विक स्तर पर, खासकर अमेरिका जैसे प्रतिद्वंद्वियों को एक कड़ा संदेश है कि चीन ह्यूमनॉइड मार्केट में अपनी धाक जमाने के लिए तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। Tienkung 3.0 की घोषणा इस बात की तस्दीक करती है कि यह सेंटर अब केवल रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) तक सीमित नहीं है, बल्कि अब यह मार्केट-ओरिएंटेड ऑपरेशन और इंडस्ट्रियल डिप्लॉयमेंट के नए दौर में प्रवेश कर चुका है।













