अभी तो हमें लगा ही था कि रोबोटिक्स का बाज़ार पहले से ही खचाखच भर चुका है, तभी Zeroth नाम की एक नई कंपनी ने CES 2026 में अपनी धमाकेदार एंट्री से सबको चौंका दिया। अब तक गुपचुप तरीके से काम कर रही इस कंपनी ने अपने दो रोबोट्स के लिए प्री-ऑर्डर विंडो खोल दी है, जिनकी कीमतें इतनी आक्रामक हैं कि बड़े-बड़े दिग्गजों के पसीने छूट जाएं। इन रोबोट्स की शिपिंग 15 अप्रैल, 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। इस लाइनअप में M1 शामिल है, जो एक छोटा ह्यूमनॉइड असिस्टेंट है और इसकी कीमत महज़ $2,399 (करीब ₹2 लाख) है, वहीं W1 एक दमदार कार्गो कैरियर है जिसकी कीमत $4,999 रखी गई है।
M1 दरअसल 494mm (करीब 19.4 इंच) लंबा एक “एम्बॉडीड इंटेलिजेंस” (embodied intelligence) है, जिसे घर में साथ निभाने और मदद करने के लिए बनाया गया है। यह रोबोट दो तरह से चलता है: एक तो दो पैरों पर धीमी चाल (0.05 m/s) और दूसरा तेज़ रफ्तार वाला व्हील्ड मोड (0.6 m/s)। Zeroth ने इसमें सेंसरों की पूरी फौज तैनात की है, जिसमें मैपिंग के लिए LDS LiDAR, एक iTOF डेप्थ सेंसर और विजन कैमरे शामिल हैं। इसका मकसद घर में एक मददगार और भरोसेमंद साथी की तरह रहना है। दो घंटे के रनटाइम और एक घंटे की फास्ट चार्जिंग के साथ, यह साफ तौर पर उभरते हुए कंज्यूमर मार्केट को अपनी गिरफ्त में लेने की तैयारी में है।

वहीं इसका साथी W1, दोस्ती से ज़्यादा मेहनत-मशक्कत वाले कामों के लिए बना है। पटरियों (tracks) पर चलने वाला यह कॉम्पैक्ट रोबोट अपने मालिक के पीछे-पीछे चलने, 20 किलो तक का वजन ढोने और 50 किलो तक का भार खींचने में सक्षम है। इसे आप एक ऐसा ‘डिजिटल खच्चर’ समझ सकते हैं जो एक मोबाइल पावर स्टेशन का भी काम करता है, जिसमें USB-C पोर्ट के ज़रिए 120W तक का आउटपुट मिलता है। W1 में 8-कोर वाला Horizon Sunrise Series CPU लगा है—यह Horizon Robotics का वही प्रोसेसर है जो आमतौर पर एज AI और ऑटोमोटिव सेक्टर में इस्तेमाल होता है, जिससे पता चलता है कि इसका फोकस सटीक और स्मार्ट नेविगेशन पर है।

Zeroth सिर्फ इन दो एंट्री-लेवल बॉट्स तक ही सीमित नहीं है। कंपनी ने Jupiter नाम के एक फुल-साइज ह्यूमनॉइड की भी झलक दिखाई है, जिसकी कीमत $89,999 (करीब ₹75 लाख) होगी। यह इस बात का संकेत है कि कंपनी की महत्वाकांक्षाएं सिर्फ खिलौने जैसे दिखने वाले रोबोट्स तक ही नहीं, बल्कि उससे कहीं आगे तक हैं।
यह खबर क्यों है खास?
एक ऐसी दुनिया में जहां स्थापित कंपनियों के ह्यूमनॉइड रोबोट या तो बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं हैं, या फिर उनकी कीमत $90,000 से $250,000 के बीच है, वहां Zeroth की यह प्राइसिंग किसी दुस्साहस से कम नहीं है। हालांकि M1 आकार में छोटा और कम क्षमता वाला है, लेकिन $3,000 से कम की कीमत में ह्यूमनॉइड पेश करना सीधे तौर पर इंडस्ट्री के पुराने ढर्रे को चुनौती देना है। यह एक ऐसी रणनीति की ओर इशारा करता है जहां फोकस मास-मार्केट को जल्दी कैप्चर करने पर है। कंपनी शायद यह दांव खेल रही है कि हार्डवेयर को सस्ता और सुलभ बनाकर वे उन महंगे प्रतिस्पर्धियों को पछाड़ सकते हैं जो अभी भी लैब से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। अब बड़ा सवाल यही है कि क्या इसका सॉफ्टवेयर और असल दुनिया में इसकी उपयोगिता, इसकी लुभावनी कीमत के वादों पर खरी उतर पाएगी?













