यूरोपीय एयरोस्पेस दिग्गज Airbus अब उन चुनिंदा दिग्गजों की फेहरिस्त में शामिल हो गया है, जो अपनी वर्कफोर्स में इंसानों के साथ-साथ ह्युमनॉइड रोबोट्स (humanoid robots) को भी जगह दे रहे हैं। कंपनी ने UBTECH Robotics Corp. के साथ एक बड़ा करार किया है, जिसके तहत उनके मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में ‘Walker S2’ नाम के इंडस्ट्रियल रोबोट्स तैनात किए जाएंगे। ये दो पैरों वाले (bipedal) रोबोट्स हवाई जहाजों के निर्माण जैसी जटिल और हाई-स्टेक प्रक्रियाओं में हाथ बटाएंगे, जो कि कमर्शियल ह्युमनॉइड्स के इस्तेमाल की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है।
Airbus का यह फैसला अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी Texas Instruments की राह पर ही है, जो अपनी प्रोडक्शन लाइन्स पर पहले से ही Walker S2 का ट्रायल कर रही है। ऐसा लगता है कि UBTECH एक-एक करके बड़े औद्योगिक घरानों को अपने पाले में कर रही है। ऑटोमोटिव, 3C इलेक्ट्रॉनिक्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर अब उनके अगले निशाने पर हैं। कंपनी की रफ्तार का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2025 में ही उसे 1.4 बिलियन RMB (करीब ₹1,600 करोड़ रुपये) के ऑर्डर मिल चुके हैं और पिछले साल दिसंबर में उनका 1,000वां Walker S2 यूनिट असेंबली लाइन से बाहर आया था।
यह खबर इतनी अहम क्यों है?
अभी तक ह्युमनॉइड रोबोट्स सिर्फ शानदार डेमो और वीडियो तक ही सीमित नज़र आते थे, लेकिन Airbus और Texas Instruments के साथ हुई ये डील्स इशारा कर रही हैं कि अब ये रोबोट्स लैब की चकाचौंध से निकलकर असल दुनिया के कारखानों में पसीना बहाने के लिए तैयार हैं। इस साल 10,000 यूनिट्स के मास-प्रोडक्शन का UBTECH का लक्ष्य एक बड़ा दांव है कि मार्केट अब इन ‘बाइपेडल’ कामगारों को अपनाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यहाँ सबसे दिलचस्प बात इनका चलना-फिरना नहीं, बल्कि इनकी उपयोगिता (utility) है। Walker S2 खुद अपनी बैटरी बदलने में सक्षम है, जिसका मतलब है कि काम में रुकावट न के बराबर होगी—और किसी भी फैक्ट्री मैनेजर के लिए ‘डाउनटाइम’ कम होना संगीत सुनने जैसा सुखद है। रोबोटिक क्रांति का कोई ढिंढोरा नहीं पीटा जाएगा; यह तो असेंबली लाइन पर चुपचाप अपना काम शुरू कर देगी।













