ब्रेट एडकॉक का मिशन: दुनिया का पहला प्रैक्टिकल ह्यूमनॉइड रोबोट

खेतों की पगडंडियों से लेकर उड़ती कारों के आसमान तक, Brett Adcock का Figure के साथ रोबोटिक्स की दुनिया को बदलने का यह सफर किसी फिल्मी दास्तान जैसा है। यह कहानी है बेतहाशा महत्वाकांक्षा, इनोवेशन और भविष्य को हकीकत में बदलने की ज़िद की। Figure के फाउंडर के तौर पर, Adcock सिर्फ रोबोट नहीं बना रहे—वे साइंस-फिक्शन के उन सपनों में जान फूंक रहे हैं जिन्हें हम अब तक सिर्फ कल्पनाओं में देखते आए हैं।

खेतों से भविष्य तक: एक रोबोटिक विजनरी का उदय

मिडवेस्ट के एक फार्म में पले-बढ़े Adcock ने बचपन में ही सीख लिया था कि “किस्मत के भरोसे बैठने के बजाय उसकी लगाम खुद थामनी पड़ती है।” खुद एंटरप्रेन्योर रहे उनके माता-पिता ने उनमें मुश्किलों को सुलझाने की ऐसी भूख जगाई कि उन्होंने Vettery (एक AI-आधारित रिक्रूटमेंट प्लेटफॉर्म जिसे $100M में बेचा गया) और Archer Aviation (इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी कंपनी जिसकी वैल्यू अब $5B है) जैसी कंपनियां खड़ी कर दीं। लेकिन रोबोट्स? यह उनका ‘एंडगेम’ है।

सनीवेल स्थित Figure के हेडक्वार्टर में, पीछे टहलते एक प्रोटोटाइप रोबोट की ओर इशारा करते हुए Adcock चुटकी लेते हैं, “यही वो चीज़ है जो मुझे असली ‘डोपामीन रश’ देती है। हार्डवेयर की दुनिया में काम करना लोहे के चने चबाने जैसा है, लेकिन इसका इनाम भी उतना ही बड़ा है—भविष्य को फिर से लिखना।”

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$100 ट्रिलियन की लेबर प्रॉब्लम

दुनिया भर में मजदूरों की कमी, उबाऊ और एक जैसे काम, और बढ़ती लागत ने एक ऐसे बाजार का रास्ता खोल दिया है जो बदलाव के लिए बेताब है। Figure का दांव क्या है? ऐसे ‘जनरल-पर्पज ह्यूमनॉइड्स’ जो किसी रटे-रटाए कोड से नहीं, बल्कि AI के जरिए खुद सीखते हैं। किसी कारखाने में एक ही काम करने वाले रोबोटिक हाथों के उलट, Adcock के रोबोट वेयरहाउस लॉजिस्टिक्स से लेकर आपके लिए कॉफी बनाने तक, सब कुछ संभालने का दम रखते हैं।

मुख्य तकनीकी चुनौतियां:

  • वर्टिकल इंटीग्रेशन: Figure अपने एक्ट्यूएटर्स (actuators), बैटरी और न्यूरल नेटवर्क—सब कुछ खुद इन-हाउस डिजाइन करता है।
  • AI ट्रेनिंग: ये रोबोट “onboard inference” (जहाँ Nvidia GPUs रियल-टाइम डेटा प्रोसेस करते हैं) और पूरी फ्लीट के साझा अनुभव से सीखते हैं।
  • सेफ्टी फर्स्ट: घर में इस्तेमाल से पहले इन्हें औद्योगिक क्षेत्रों (जैसे ऑटो मैन्युफैक्चरिंग) में तैनात करने पर ध्यान दिया जा रहा है ताकि इनकी मजबूती को परखा जा सके।

Adcock कहते हैं, “हमारा हार्डवेयर कभी पुराना नहीं पड़ता—यह वक्त के साथ और बेहतर होता जाता है।” उनका लेटेस्ट प्रोटोटाइप, Figure 02, कथित तौर पर आज के कई इंटर्न्स की तुलना में कम गलतियां करता है।

OpenAI से किनारा और रोबोट-स्पेसिफिक AI

शुरुआत में Figure ने रोबोट्स के लिए लैंग्वेज मॉडल विकसित करने के लिए OpenAI के साथ हाथ मिलाया था। लेकिन जल्द ही Adcock को समझ आ गया कि AI और हार्डवेयर को एक साथ, एक ही ताल में विकसित होना होगा।

वे समझाते हैं, “हमने OpenAI का साथ इसलिए छोड़ा क्योंकि हमारे न्यूरल नेट्स को रोबोट-स्पेसिफिक डेटा की जरूरत थी। आप ChatGPT का इस्तेमाल करके किसी बॉट को रेंच (wrench) पकड़ना नहीं सिखा सकते।” अब Figure खुद के मॉडल ट्रेन कर रहा है, जिसके लिए वह असली दुनिया के कामों से जुटाए गए ‘प्रोपराइटरी डेटा’ का इस्तेमाल करता है—एक ऐसा कदम जिसने उनकी प्रगति की रफ्तार को कई गुना बढ़ा दिया है।

Tesla का Optimus बनाम Figure: रोबोटों का महासंग्राम शुरू

भले ही Elon Musk के Optimus को शुरुआती बढ़त मिली हो, लेकिन Adcock को Tesla के “कार मैन्युफैक्चरिंग” वाले नजरिए में कमियां नजर आती हैं।

  • हार्डवेयर की बढ़त: Figure के रोबोट हल्के, ज्यादा फुर्तीले और AI-आधारित कामों के लिए पूरी तरह ऑप्टिमाइज्ड हैं।
  • रफ्तार: Figure की शुरुआत 2022 में हुई; जबकि Tesla का Optimus अभी भी R&D स्टेज में ही नजर आता है।
  • फोकस: Adcock की प्राथमिकता वर्कफोर्स ऑटोमेशन है, जबकि Tesla की नजर कंज्यूमर मार्केट पर ज्यादा है।

Adcock मुस्कुराते हुए कहते हैं, “रोबोट बनाना Cybertruck बनाने जैसा नहीं है। अगर फोन हाथों से असेंबल किए जा सकते हैं, तो रोबोट क्यों नहीं?”

Figure का कल्चर: मैनेजर नहीं, सिर्फ बनाने वाले (Builders)

Figure की 200 लोगों की टीम किसी रॉकेट-फ्यूल पर चल रहे स्टार्टअप की तरह काम करती है:

  • फ्लैट हायरार्की: यहाँ डायरेक्टर्स भी कोड लिखते हैं और Adcock खुद इंजीनियरों के साथ बैठते हैं।
  • मेरिटोक्रेसी: “अगर आप काम में माहिर नहीं हैं, तो यहाँ आपकी जगह नहीं है।”
  • पागलपन वाली रफ्तार: “इस साल या तो हम इंडस्ट्री बदल देंगे, या हम खत्म हो जाएंगे।”

Adcock का मंत्र सीधा है: “रफ्तार + सही दिशा = जीत।”

ट्रिलियन-डॉलर एंडगेम

Adcock एक ऐसी दुनिया का सपना देखते हैं जहाँ दुनिया के 50% श्रम कार्य ह्यूमनॉइड्स संभालेंगे—चाहे वह इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत हो, घर बनाना हो, या छोटे बच्चों की देखभाल।

वे कहते हैं, “कल्पना कीजिए कि आप अपने रोबोट से कहें, ‘सिंक ठीक कर दो’—और वह बिना किसी सवाल के कर दे।” संदेह करने वालों को वे चुनौती देते हैं: “हमारी लैब आकर देखिए। भविष्य कोई डेमो नहीं है; वह यहाँ आ चुका है।”

यह क्यों मायने रखता है

ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स उत्पादकता की अगली क्रांति ला सकते हैं, जिससे सामान और सेवाओं की लागत काफी कम हो सकती है। लेकिन जैसा कि Adcock चेतावनी देते हैं, “इस खेल में सिर्फ कुछ ही खिलाड़ी राज करेंगे।” Figure, Tesla के साथ उस ऊंचे मुकाम पर पहुँच पाएगा या नहीं, यह सिर्फ एक बात पर निर्भर करता है: ऐसे रोबोट बनाना जो सिर्फ काम न करें—बल्कि दुनिया को हैरान कर दें।